Computer के इस युग की नवीनतम उपलब्धि है-कंप्यूटर। Computer का शोर चारो ओर है। विश्व के अनेक उन्नत देशो में Computer का प्रचार-प्रसार तेजी से हुआ है। India भी इस झेत्रो में पीछे नहीं है। India में भी Computer का Use तेजी से बढ़ रहा है। Computer, मानव-निर्मित यंत्र है जो मनुष्य की अंग संबंधी सूझ्म-से-सूझ्म और कठिन-से-कठिन गुत्थियों को सहज रूप में सुलझा देती है। मनुष्य की गणना में गलती हो सकती है, पर Computer की गणना में नहीं। हाँ, यदि यंत्र-संचालन में कोई त्रुटी हो, तो गलती हो सकती है। इसका अनुसधान आज से चार दशक पूर्व आरंभ हुआ था। सबसे पहले Computer  सन 1946 में बनाया गया था, पर इसका आकाऱ बहुत बड़ा था। Computer को इलेक्ट्रॉनिक मसितष्क भी कहा जाता है।  


    Computer के अंग - Parts of computer

    Computer का आधार आयताकार 'गणकपटल' है। इसी तरह के गणकपटल से बच्चों को गिनती और पहाड़े सिखाए जाते है। 'अबाकस' को Computer का जन्मदाता मन जाता है। आज के जटिल Computer के निर्माण श्रेय America के Hardware Ekan को है। Computer जगत में नित नए सुधार हो रहे हैं।

    Computer मानव का आज्ञाकारी सेवक है। मानव जैसी आज्ञा देता है, कम्यूटर वैसा ही करता है। Computer के पांच मुख्य अंग है।

    Input Device :- इस भाग में हर तरह की Information तथा उससे संबंध रखने वाले निर्देश इकठे रहते है। 

    Memory unit :- Computer के इस अंग को सूचनाओं का भंडार कहा जाता है। इन्ही सूचनाओं के आधार पर Computer गणना करता है। 

    Control Unit :- इसे Computer का दिल भी कहा जाता है। यह भाग इस बात की जांच करता है की Computer ठीक गणना कर रहा है या नहीं। 

    Arithmetic Unit :- Computer का यह भाग विभिन्न गणनाओ को करने वाला मस्तिक है। 

    Output Device :- यह अंग Computer के चारो अंगो का सहयोग पाकर वांछित परिणामों को छापता है। 

    Computer के विभिन्न Use - Different Use of Computer

    सूचनाए एकत्र करने के लिए Computer में अलग Language और संकेत भरे जाते है जिसमें Hindi, English या अन्य किसी भी Language में बदला जाता है। आजकल Computer का Use बड़े-बड़े व्यवसायो, तकनीकी संस्थनों, कम्पनियों किया जाता है। जोड़-घटा, गुणा-भाग जैसी गणनाएँ, लेख-जोख, भविष्यवाणियों, परिझाफलो का विवेचन तथा वगीर्करण, मौसम की Information जैसी अनेक उपयोगी Information Computer से मिलती है। आजकल युदूध-तकनीक में भी Computer का Use किया जाता है। विमान, जलयान तथा रॉकेटों के संचालन में भी Computer का Use किया जा रहा है। आजकल परीझा-परिमाण भी Computer से निकाले जा रहे है।

    निष्कर्ष 
    Computer भावना-शून्य होता है। मानव की तरह निर्णय लेने की शक्ति उसमें नहीं है। Computer की स्मरण-शक्ति अदूवितीय है, परन्तु कभी-कभी एक ही परिसिथति में उसके निष्कर्ष भिन्न-भिन्न  सकता है। धीरे-धीरे Computer का महत्तव अधिक बढ़ाता जा रहा है। चिकित्सा तथा ऑटोमोबाइल उद्योग में इसका योगदान उपयोगी तथा महत्वपूर्ण है। अगर आपको यह आर्टिकल  आया तो अपने दोस्तों के साथ share जरूर करे।