Reserve Bank of India (RBI) ने बैंकों से कहा है कि वे चाहें तो अपने जीरो अकाउंट (Account) वाले ग्राहकों को भी चेकबुक (Cheque Book) जैसी अतिरिक्त सुविधाएं (Facilities) दे सकते हैं। 
    यानी, अब बैंक निश्चित Minimum Amount के नियम से इतर वाले Account Holders को भी वे सुविधाएं (Facilities) मुफ्त में मिल सकती हैं, जिनके लिए बैंक अपने Saving Account वाले ग्राहकों से शुल्क वसूलते हैं।

    बैंक अब अपने जीरो बैलंस (Zero Balance) वाले Account Holders को भी चेकबुक (Cheque Book) एवं अन्य वह सुविधाएं (Facilities) दे सकेंगे जो एक रेग्युलर सेविंग्स अकाउंट (Account) वाले ग्राहकों को देते हैं। रिजर्व बैंक ने इसकी अनुमति (Permission) दे दी। दरअसल, देश में नकदी लेनदेन कम करने के लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत, Reserve Bank of India (RBI) ने हाल ही में आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए फंड ट्रांसफर को निःशुल्क कर दिया है। बहरहाल, आइए 10 पाइंट्स में समझते हैं कि बैंकों को Reserve Bank of India (RBI) से मिली नई अनुमति (Permission) से क्या बदलने वाला है... 

    1. पहले तो यह समझना जरूरी है कि जीरो बैलंस (Zero Balance) वाले अकाउंट (Account) को ही बैंकिंग की भाषा में प्राथमिक बचत बैंक जमा खाता यानी बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (Basic Savings Bank Deposit)(BSBD Account) कहा जाता है। इसे ही नो-फ्रिल्स अकाउंट (No-frills Account) भी कहते हैं। 

    2. बीएसबीडी अकाउंट (Basic Savings Bank Deposit) (BSBD Account) खुलवाने (Open) पर ग्राहकों को हर महीने निश्चित Minimum Amount रखने की बाध्यता नहीं होती है। 

    3. ऐसे अकाउंट (Account) पर कुछ सुविधाएं (Facilities) मुफ्त में दी जाती हैं। मसलन, जीरो अकाउंट (Account) वाले खाताधारक महीने में चार बार पैसे निकाल सकते हैं, बैंक की शाखा में पैसे जमा करा सकते हैं। यानी, महीने पैसे निकालने और जमा करने, दोनों सुविधाओं (Services) का इस्तेमाल कुल मिलाकर चार बार ही कर सकते हैं। 

    4. जीरो-बैलंस अकाउंट्स वाले को भी एटीएम कार्ड या डेबिट कार्ड जारी किया जाता है। लेकिन, उन्हें चेकबुक (Cheque Book) जारी नहीं किया जाता। 

    5. Reserve Bank of India (RBI) ने बैंकों के लिए अपने Zero Balance Account Holders को सेविंग्स अकाउंट (Account) Holders जितनी सुविधाएं (Facilities) देना अनिवार्य नहीं किया है, बल्कि उन्हें अनुमति (Permission) दी है। इसका मतलब है कि बैंक अगर चाहें तो नए नियम के तहत जीरो बैलंस (Zero Balance) वाले Account Holders को चेकबुक (Cheque Book) जैसी सुविधाएं (Facilities) दे सकते हैं। 
    साथ ही, वह महीने में चार बार जमा और निकासी की सीमा खत्म कर सकते हैं और Zero Balance Account वालों को भी जितनी बार चाहे पैसे जमा कराने या निकालने की अनुमति (Permission) दे सकते हैं। लेकिन, इसके लिए कोई फीस नहीं लगाई जा सकती है। 

    6. जो बैंक अपने जीरो बैलेंस वाले Account Holders को Saving Account Holders जैसी सुविधाएं (Facilities) अब भी नहीं देंगे, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। ध्यान रहे कि Reserve Bank of India (RBI) ने बैंकों को ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं किया है, बल्कि ऐसा करने की अनुमति (Permission) दी है। यानी, बैंक की मर्जी वह अपने जीरो बैलंस (Zero Balance) वाले Account Holders को ये सुविधाएं (Facilities) दे या नहीं। 

    7. Reserve Bank of India (RBI) ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया है कि ऐसा करने वाले बैंक Zero Balance Account (Account) वाले Account Holders से Minimum Amount मेंटेन करने को नहीं कह सकते। साथ ही, वह खाता नई सुविधाओं (Services) के साथ भी बीएसबीडी अकाउंट (Account) ही रहेगा, न कि वह सेविंग्स अकाउंट (Account) बन जाएगा। 

    8. नियमित बचत खाता (Regular Saving Account)  खुलवाने (Open) पर आपको हर महीने एक निश्चित न्यूनतम धनराशी (Minimum Amount) खाते (Account) में रखना होता है। 

    9. अगर यह निश्चित न्यूनतम धनराशी (Minimum Amount) 1,000 रुपये है तो बैंक इसकी गणना इस प्रकार करता है। 1,000 रुपये × उस महीने के दिनों की संख्या। यानी, जून महीने के लिए Minimum Amount का मतलब है 1,000 × 30 = 30,000 रुपये। अब आप चाहें तो 1,000 रुपये अपने बैंक अकाउंट (Account) में छोड़ कर न्यूनतम राशि (Minimum Balance) की यह शर्त पूरी कर दें। लेकिन, मान लीजिए कि जून महीने में पांच दिन तक आपका खाता बिल्कुल खाली था। यानी, उसमें कोई धनराशी (Amount) नहीं थी और बाकी 25 दिन तक 1,000 रुपये खाते (Account) में पड़े रहे तो आपका न्यूनतम राशि (Minimum Balance) 25,000 रुपये ही रहा जो 30,000 रुपये होना चाहिए था। 
    मतलब नियम के मुताबिक, न्यूनतम राशि (Minimum Balance) से 5,000 रुपये कम। ऐसी सूरत में बैंक इस 5,000 रुपये की कमी पर आपसे जुर्माना वसूल करेगा। हालांकि, अगर आपके खाते (Account) में 29 दिनों तक कोई धनराशी (Amount) नहीं हो, लेकिन 30वें दिन पूरे 30,000 रुपये जमा करा दिए तो फिर आपको कोई पेनल्टी नहीं देनी होगी क्योंकि पूरे महीने के लिए निश्चित न्यूनतम धनराशी (Minimum Amount)30,000 रुपये होने की शर्त पूरी हो जाती है। 

    10. बैंक नियमित बचत Account Holders के लिए न्यूनतम राशि (Minimum Balance) की शर्त रखने के अलावा चेकबुक (Cheque Book) जारी करने जैसी सुविधाएं (Facilities) के बदले उनसे फीस भी लेते हैं।