Google Quality Score क्या है और कैसे इसका फायदा उठाये (संपूर्ण गाइड In Hindi )
    नमस्कार दोस्तों, आज हम जानेंगे Google Quality Score (Quality Score) क्या है? कैसे इसको बढ़ा कर हम अपना Ads स्पेंड (Ad Spend) कम करके उसी Budget में ज्यादा से ज्यादा क्लिक्स (clicks) और बेहतर Ads पोजीशन पा सकते है।
    गूगल क्वालिटी स्कोर क्या है और कैसे इसका फायदा उठाये Guide In Hindi
    गूगल क्वालिटी स्कोर क्या है और कैसे इसका फायदा उठाये Guide In Hindi

    आज इस Post के माध्यम से हम जानेंगे –

    १. Quality Score क्या है?
    २. इसे कैसे Calculate किया जाता है ?
    ३. Quality Score – भ्रांतियां (myths)
    ४. Quality Score को अपने फायदे हेतु कैसे Hack (hack) करे

    Google Quality Score क्या है और कैसे इसका फायदा उठाये 

    1. Quality Score क्या है?
    Google लगभग पिछले दस वर्षो से Quality Score आपके Ads Account में Show करता है, परन्तु आज इसका महत्व कई गुना बढ़ चुका है।

    Quality Score मापने हेतु एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है।

    Google, अपने ग्राहकों को एक उच्च कोटि का अनुभव देने में सदैव प्रयासरत है, चाहे वह आपकी वेबसाइट हो, Ads हो अथवा आपके Page पर लिखा हुआ कॉन्टेन्ट हो।

    अगर आपने इन तीनों चीजों को ध्यान में रखते हुए अपना कैंपेन Set किया है तो निश्चित ही Google की नज़र में आपको प्राथमिकता मिलेगी।

    प्रत्येक Keyword (keyword) का Quality Score 1 से 10 तक नापा जाता है – 1 सबसे निम्न (poor) एवं 10 सबसे श्रेष्ठ (excellent)

    जब जब आपका Ads Google पर प्रदर्शित होता है, Quality Score नए सिरे से केलकुलेट किया जाता है।

    हम केवल आज का Quality Score जान सकते है। कल या उसके पहले का Quality Score जानने का कोई प्रावधान नहीं है।

    अगर आप अपना ऐतिहासिक (historical) Quality Score जानना चाहते है तो आप इस थर्ड पार्टी टूल https://www.optmyzr.com/ के माध्यम से जान सकते है।

    2. Quality Score कैसे Calculate किया जाता है ?

    यथार्थ में Quality Score की गणना कैसे की जाती है ये तो हमें Google हमें नहीं बताता, परन्तु Click-Through Rate (click-through rate) एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है जिसका Quality Score की गणना में लगभग ६५-७०% योगदान है।

    Quality Score के प्रमुख घटक

    – Click-Through Rate (६५%)
    – की-वर्ड और Ads के बीच की सार्थकता (relevance)
    – Account हिस्ट्री 
    – अपेक्षित एवं वास्तविक Click-Through Rate (प्रतिस्पर्धियों पर आधारित)
    – Landing Page की Quality (Page की लोडिंग स्पीड, मोबाइल कम्पेटिबिलिटी एवं सार्थकता)
    – Ads एक्सटेंशन्स एवं Ads फॉर्मैट्स का सही तरीके से Use
    – डिवाइस एवं लोकेशन सेटिंग्स

    Click Through Rate क्या है और एक अच्छा Click-Through Rate कितना होना चाहिए ?
    अगर १०० लोग आपके Ads को देखते है और २ लोग उस Ads पर Click करके आपके Landing Page पर जाते है, तो आपका Click-Through Rate २% है। सामान्यतः एक अच्छा Click-Through Rate ५-६% के बीच में होता है, परन्तु आपको हमेशा इससे ज्यादा के लिए प्रयासरत करना चाहिए।

    Click-Through Rate कैसे बढ़ाये?
    रेलेवंस अथवा सार्थकता से ! चलिए इसे उदाहरण से समझते है –

    अगर आप “Red Apple” बेचने केव्यवसाय में है और आपका एक Ads कहता है “सेब – २०% Discount” और दूसरा Ads कहता है “Red Apple – २०% Discount” तो हमें यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि Users किस Ads पर Click करेंगे।

    इसी तरह, यूजर जब “Red Apple – २०% Discount” Ads पर Click करके आपके Landing Page पर आएगा, तो उसे उस Page पर “Red Apple” ही अपेक्षित होंगे, न कि “Green Apple”.

    अगर आप इन बातों का ध्यान रखें, तो न केवल आपका Click-Through Rate अच्छा होगा, परन्तु आपके सेल्स में भी बढ़त होगी।

    Ads Rank, ऑक्शन Bid और Quality Score में सम्बन्ध
    चलिए जानते है इन तीनो Parameter का सम्बन्ध इस सरल फार्मूला से –

    Quality Score X ऑक्शन Bid = Ads Rank

    मान लीजिए एक कीवर्ड के लिए ४ एडवरटाइजर्स ने निम्न टेबल के अनुसार Bid किया है

     Quality Score और Ads पोजीशन का सम्बन्ध 

    स्पष्ट है की ज्योति की Ads पोजीशन १ नंबर पर होगी, भले ही उसका Bid बाकी एडवरटाइजर्स से कम है, क्योंकि उसका Quality Score ज्यादा है जिसकी वजह से उसे Ads Rank में बढ़त मिली है।

    आप कितना कॉस्ट पर Click (cost per click ) पे करेंगे ?
    आपका कॉस्ट पर Click अथवा CPC इस फॉर्मूले द्वारा Calculate किया जाता है –

    कॉस्ट पर Click = Ads Rank (आपसे नीचे वाले एडवर्टाइजर का) / आपका Quality Score

    आप देख सकते है कि Quality Score के फरक से कई बार आपको ४०० गुना से भी ज़्यादा कॉस्ट पर Click देना पड़ सकता है.

    इसी कारण से Quality Score को इतना महत्व दिया जाता है. अगर आज तक आपने Quality Score पर ध्यान नहीं दिया है तो, आज ही से इसकी शुरुआत कीजिये।

    3. Quality Score – भ्रांतियां

    Quality Score को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां मौजूद है जैसे कि –

    भ्रान्ति: यदि आप हाई Ads पोजीशन के लिए Bid करेंगे तो Quality Score बढ़ेगा।
    सत्य: Google यह जानता है की हायर Ads पोजीशन से Click-Through Rate पर असर पड़ता है, इसलिए वह Quality Score में उसके अनुसार बदलाव कर देता है।

    भ्रान्ति: ऑक्शन Bid बढ़ाने से Quality Score बढ़ता है।
    सत्य: Bid को Quality Score से गुणा करने से Ads Rank ज़रूर प्राप्त होता है, परन्तु Bid का Quality Score से कोई सीधा सम्बन्ध नहीं है।

    अच्छा Quality Score कितना होना चाहिए?

    १-३ निम्न
    ४-६ एवरेज
    ७-८ अच्छा
    ९-१० बढ़िया

    4. Quality Score को अपने फायदे हेतु कैसे Hack करे
    अगर आप कम Budget में अच्छा Return चाहते है तो इन Hacks को जरूर ट्राई करें –

    Quality Score Hack 1: अच्छे Keyword का चयन करे और उन पर ध्यान दें
    अगर आप अपने Account को ध्यान से देखेंगे तो आप जानेंगे कि आपका ज्यादातर Budget केवल ५-१०% Keyword द्वारा Use में लाया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है की आपको अपना ध्यान इन्ही Keyword पर Focus करना है।

    अगर आप इन Keyword को ऑप्टिमाइज़ करेंगे तो Quality Score के साथ ही आपको अच्छा रीटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) मिलेगा।

    Quality Score Hack 2: बुरे Quality Score को ठीक करें

    १-३ Quality Score – डिलीट करें 
    ४-६ Quality Score – सबसे पहले ऑप्टिमाइज़ करें और Score बढ़ाने का प्रयास करें 
    ७-८ Quality Score – बाद में ऑप्टिमाइज़ करें और Score बढ़ाने का प्रयास करें 
    ९-१० Quality Score – कुछ भी ना करें !!

    Quality Score बढ़ाने हेतु आप कम Click-Through Rate वाले Keywords तो भिन्न अथवा नए Ads Group में भी शिफ्ट कर सकते है।
    इसके बाद अच्छे Keywords पर बिना किसी हिचक के आप ज्यादा Bid कर सकते है।

    Quality Score Hack 3: सिंगल Keyword Ads Group

    यह एक बहुत कारागार Hack हो कर के कुछ ही स्तिथियों में काम करता है। अगर आप ऐसे किसी व्यवसाय हेतु Ads कैंपेन बना रहे है, जिसमे आपके पास बहुत ज्यादा Keyword नहीं है, तो आप इस Hack का अवश्य Use करें।

    एक Ads Group में केवल एक Keyword और एक Ads रखें। ध्यान रहे कि Ads और Keyword में रेलेवेंस हो। इसके अलावा ये भी ध्यान रखे कि Landing Page का यूजर एक्सपीरियंस भी अनुकूल हो।

    आप जल्दी ही Quality Score में काफी अच्छी बढ़त देखेंगे। ध्यान रखें – हर Ads Group हेतु एक अलग Landing Page रखें। कभी भी यूसर्स को विभिन्न Keyword के लिए एक ही Landing Page पर भेजने की गलती ना करें।

    Quality Score Hack 4: ब्रांडेड Keyword का Use करें

    कई बार देखने में आता है कि एडवर्टाइजर्स अपने ब्रांड से सम्बंधित Keyword पर Bid नहीं करते। परिणामस्वरूप, या तो आप ट्रैफिक खो देते है या फिर आपका कॉम्पिटिटर उस Keyword पर Bid करके आपका ट्रैफिक अपनी ओर खींच लेता है।

    जिन कंपनियों की ब्रांड प्रेसेंस अच्छी है, उन्होंने ये Hack ज़रूर आजमाना चाहिए। इसकी वजह से आपका Click-Through Rate एवं Quality Score जरूर बढ़ेगा।

    Quality Score Hack 5: अपने एड्स को स्प्लिट Test (Split Test) करें

    Google आपको दो एड्स के बीच स्प्लिट Test करने की सुविधा प्रदान करता है। इसका Use कर के आप जान सकते है कि कौन सा Ads बेहतर काम कर रहा है।दूसरे Ads को डिलीट करके जो बेहतर Ads है, उसे नए Ads से स्प्लिट Test करें। ऐसा करने से आप को हमेशा अपने एड्स से बेहतर परफॉरमेंस एवं Return मिलेगा।

    Quality Score Hack 6: डायनामिक Keyword इंसर्शन Ads
    अगर आपका Account काफी बड़ा एवं विस्तृत है, तो आप डायनामिक Keyword इंसर्शन Ads का ज़रूर Use करें। बहुत बार हम सभी Keyword जो Users Google में हमारे प्रोडक्ट्स अथवा सर्विसेज ढूंढने के लिये डालते है, वह अपने कैंपेन में नहीं ऐड कर पाते है।

    इस स्थिति में डायनामिक Keyword इंसर्शन Ads हमारे लिए वह काम करता है, अतः इसका Use अवश्य करें।

    Quality Score Hack 7: रीमार्केटिंग लिस्ट (Remarketing List) का Use
    रीमार्केटिंग अथवा रीटार्गेटिंग, के माधयम से हम उन यूसर्स को अपना Ads बार-बार दिखा सकते है जो हमारी वेबसाइट को एक बार विजिट कर चुके है। अगर हम रीमार्केटिंग Bid तो बढ़ाते है तो Click-Through Rate बढ़ने की संभावना और बढ़ जाती है क्योंकि वह यूजर आपके बारे में पहले से ही जानता है।

    चलिए सारांश में एक फिर से Quality Score की महत्ता को समझते है –

    १. Quality Score, Ads Rank (ad rank) को प्रभावित करता है 
    २. Ads Rank, कॉस्ट पर Click (cost per click) को प्रभावित करता है 
    ३. कॉस्ट पर Click, कॉस्ट पर लीड (cost per lead) को प्रभावित करता है

    और एक एडवर्टाइज़र होने के नाते आप हमेशा अपना कॉस्ट पर लीड कम से कम करना चाहेंगे।

    आशा है दोस्तों आपको ये Post की जानकारी से फायदा होगा। अगर आपको ये Post अच्छा लगा तो कृपया हमे ब्लॉग को सब्स्क्राइब करें ताकि आप कोई भी नया Post कभी भी मिस ना करें।

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