कहानी In Hindi Short Story रोचक कहानी शिक्षाप्रद कहानी | सिख लेने वाली हिंदी कहानी | ज्ञानवर्धक लघुकथाएँ 

    दोस्तों आज हम आपके लिए लाये है शिक्षाप्रद ७ कहानी जो आपके  नजरिया बदल देगा तो दोस्तों कहानी पढ़ कर अपने विचार कमेंट के माध्यम से जरूर व्यक्त करे हमे अच्छा लगेगा तो जायदा समय बर्बाद किये बिना हमलोग अब कहानी पर चलते है 
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    कहानी In Hindi Short Story रोचक कहानी शिक्षाप्रद कहानी  सिख लेने वाली हिंदी कहानी  ज्ञानवर्धक लघुकथाएँ 

    १.अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें हिंदी शिक्षाप्रद कहानी ( सारे रिश्ते टूट गए )


    एक बार एक बहुत सुन्दर लड़की थी | वह इतनी सुन्दर थी जो भी उसे देखता , देखता ही रह जाता | पर उसे गुस्सा बहुत आता था | गुस्से में वह किसी से कुछ भी कह देती | घर के सबलोग उसकी इस आदत से बहुत परेशां थे | एक बार उसके पिता ने उसे सबक सिखाने की सोचा | उसके पिता ने उसे कुछ कील और हतोड़ा दिया और कहा एक महीने तक हम एक एक्टिविटी करेंगे जिसमे तुम्हे बस एक महीने तक गुस्सा कम करना है उसके बाद तुम चाहो जितना गुस्सा कर सकती हो  | और जब भी तुम्हे गुस्सा आये और तुम किसी से बुरी तरह बोल दो तो एक कील दीवार में लगा देना | और कोशिश करनी है गुस्सा कम करने की , लड़की  तैयार हो गयी | उसे जब भी गुस्सा आता और वह किसी को कुछ बोल देती तो एक कील दिवार में लगा देती | पहले दिन उसने दीवार में ३० कील लगा दी | पर धीरे  धीरे दिवार में लगने वाली कील काम होने लगी | १५ ही दिन में उस लड़की ने सबसे बुरी तरह बोलना काम कर दिया | अब उसके पिता ने उससे कहा की अगर तुम एक बार भी गुस्सा का करना होने पर किसी से बुरी तरह न बोलो तो अपने द्वारा लगायी हुई कील में से एक कील निकाल देना | लड़की ने वैसे ही किया | १ महीने के अंत तक दीवार से सब कील निकल गयी | लड़की बहुत खुश हुई की वो इस गेम में जीत गयी | अर अपने पिता जी से कहने लगी देखिये सब कील दीवार से निकल गयी |
    उसके पिता ने कहा दीवार से कील तो निकल गयी पर क्या दीवार पहले जैसी सुन्दर दिख रही है | दीवार में जगह जगह निशान पढ़ गए हैं |
    पिता ने अपनी बेटी को समझाया इसी तरह जब तुम किसी पर गुस्सा करती हो तो तुम्हारे रिश्तो में भी ख़राब निशान छूट ही जाते है | और एक दिन यही निशान रिस्तो को भी ख़राब कर देते हैं लड़की के बात समझ में आ गयी और उसने उस दिन से गुस्सा करना बहुत कम कर दिया .

    कहानी से नैतिक शिक्षा -दोस्तों सब सभी का भी यही हाल होता है | हम जिस पर गुस्सा कर सकते है उससे बहुत उल्टा सीधा कह देते हैं और अपने रिश्तो को ख़राब कर देते हैं | गुस्सा करने की हम आदत बना लेते है और जिसे हम दवा सकते है उसी पर गुस्सा करते हैं | जैसे की ऑफिस में बॉस ने कुछ  कह दिया हम उससे कुछ नहीं कह सकते तो घर आकर बच्चो को बिना किसी गलती के ही  डांट देते हैं |

    इसलिए  अपनी इस ख़राब आदत को रिश्तो के ख़राब होने से पहले ही सुधार लीजिये  |

    २.कभी हार मत मानो हिंदी शिक्षाप्रद कहानी ( हाथी क्यों हारा )

    एक बार एक व्यक्ति, एक हाथी को रस्सी से बांध कर ले जा रहा था | एक दूसरा व्यक्ति इसे देख रहा था | उसे बढ़ा आश्चर्य हुआ की इतना बढ़ जानवर इस हलकी से रस्सी से बंधा जा रहा है दूसरे व्यक्ति ने हाथी के मालिक से पूछा ” यह कैसे संभव है की इतना बढ़ा जानवर एक हलकी सी रस्सी को नहीं तोड़ पा रहा और तुम्हरे पीछे पीछे चल रहा है|
    हाथी के मालिक ने बताया जब ये हाथी छोटे होते हैं तो इन्हें रस्सी से बांध दिया जाता है उस समय यह कोशिश करते है रस्सी तोड़ने की पर उसे तोड़ नहीं पाते | बार बार कोशिश करने पर भी यह उस रस्सी को नहीं तोड़ पाते तो हाथी सोच लेते है की वह इस रस्सी को नही तोड़ सकते और बढे होने पर कोशिश करना ही छोड़ देते है .


    कहानी से नैतिक शिक्षा – दोस्तों हम भी ऐसी बहुत सी नकारात्मक बातें अपने दिमाग में बैठा लेते हैं की हम नहीं कर सकते | और एक ऐसी ही रस्सी से अपने को बांध लेते हैं जो सच में होती ही नहीं है |

    ३.आपका स्वभाव हिंदी शिक्षाप्रद कहानी (संत और बिच्छू )

    एक समय की बात है एक बार एक संत समुद्र के किनारे किनारे जा रहे थे उन्होंने देखा एक बिच्छू पानी में डूब रहा है संत को दया आ गयी उन्होंने उसे उठाकर पानी से बहार छोड़ दिया फिर कुछ पल बाद देखा तो फिर लहार आयी और उस बिच्छू को फिर बहकर ले जा रही थी संत ने फिर बिच्छू को उठाया तो बिच्छू संत को डंक मारने लगा संत ने फिर भी उसे पानी से बचाया . फिर लहर आयी और उस बिच्छू को बहा ले गयी . संत ने फिर उसे बचाया बिच्छू ने फिर डंक मारने की कोशिश की . ऐसा कई बार हुआ संत उसे बचाते और बिच्छू डंक मारने की कोशिश करता . ये सब एक व्यक्ति देख रहा था उसने संत को आकर पूछा की आप उस बिच्छू को क्यों बचा रहे है मारने दो इसे ये तो आपको ही डंक मर रहा है तो संत ने जवाव दिया की ऐसे कैसे छोड़ दू जब बिच्छू अपना डंक मारने का सवभाव है छोड़ रहा तो में अपना दुसरो का हिट करने का स्वभाव कैसे छोड़ दू .


    कहानी से नैतिक शिक्षा- हम उन संत की तरह तो हो नहीं सकते पर हम इंसान है हमारा अपना एक अच्छा स्वभाव होता है पर दुसरो के बुरा करने पर हम अपना अच्छा स्वभाव छोड़ कर उसके बुरे स्वभाव के अनुसार उसे रिप्लाई देने लगते हैं जैसे किसी ने हमारे संग कुछ गलत कर दिया तो हम भी उसके साथ गलत करने लगते हैं और इस तरह से कई बार करने सेकुछ सालो बाद हमारा यह नेचर बन जाता है और हम सबके साथ गलत करने लगते हैं . इसलिए हमें जो हमारा नेचर है उसे किसी के गलत करने पर नहीं बदलना चाहिए .

    ४.टोटके का इलाज़  हिंदी सीख शिक्षाप्रद कहानी

    एक समय की बात है एक गावो में शादी होकर नयी बहु आई | चारो तरफ ख़ुशी का माहौल था |अब समय था बहु के ग्रहप्रवेश का | उसी समय सास देखती है की एक बिल्ली घर में घुस आई है वो बहु का रास्ता काटने ही बाली थी | सास थी थोड़े पुराने विचार की उसने एक टोकरी उठाई और उस बिल्ली के उपार  डाल दी ताकि बिल्ली बहु का रास्ता न काट सके | बहु ने सास को बिल्ली के उपर टोकरी रखते हुए देख लिया था | समय बीता कुछ समय बाद सास  मार गयी | बहु के एक लड़का हुआ  | वह अब विवाह लायक होगया | लड़के की शादी की गयी | बहु के ग्रहप्रवेश की बारी आयी | सास ने कहा हमारे यहं रिवाज है जब कोई नयी बहु आती है तो बिल्ली को टोकरी से ढककर बहु  का ग्रहप्रवेश होता है | और यह प्रथा बन गई |

    कहानी से नैतिक शिक्षा-दोस्तों इस कहानी से हमें सीखने को मिलता है की हम बिना सोचे समझे कोई भी प्रथा बना लेते हैं और उससे कई डर  समाज में फैला देते हैं की ऐसा नहीं हुआ तो कुछ गलत हो जायेगा . जैसे बिल्ली रास्ता कट गयी तो अपशगुन होता  है , या छिक आ गई तो घर से ब|हर कुछ समय के लिए नहीं जाना चाहिए | और ये सब धीरे धीरे डर में बदल जाते हैं और इंसान को कमज़ोर बना देते हैं |

    सफलता पाने के लिए किसी भी टोटके की ज़रूरत नहीं है बस टोटको को छोड़ने की ज़रूरत है | सभी टोटको का एक ही इलाज़ है वो है उन्हें अनदेखा कर देना. चलो एक सभ्य समाज बनाए  टोटको से भारत  को मुक्त कराये |

    ५.लालची आदमी हिंदी शिक्षाप्रद कहानी (लालच का फल)

    किसी गांव में एक किसान रहता था. रात-दिन मेहनत कर वह खुब पैसा कमाना चाहता था लेकिन था लालची व कंजूस इसलिए खर्च कुछ भी नहीं करता था, जब भी उसका मांसाहार खाने का मन करता वह जंगल से कोई जीव मार लाता और पका कर खा लेता.
    एक दिन वह जंगल से एक सुनहरी मूर्गी को पकड़ कर घर ले आया. उसकी पत्नी मूर्गी देखकर बेहद खुश हुई क्योंकि पति की तरह ही वह भी लालची थी. वह तुरन्त ही चाकू लेकर मूर्गी को हलाल करने बैठ गई. इससे पहले की वह मूर्गी की गर्दन पर चाकू चला पाती मूर्गी ने कहा – मुझे मत मारो मैं तुम्हें मालामाल कर दूंगी. मूर्गी को इंसानी भाषा में बोलते देखकर किसान की पत्नी डर गई और उसने चिल्लाकर अपने पति को बुलाया. सुनो जी,, यह तो कोई मायावी मुर्गी हैं, यह तो हमारी तरह बोलती है, क्या कहा भगवान ? किसान चोंक पडा, मनुष्य की तरह बोलती है ? हां यह कहती हैं कि “हमें मालामाल कर देगी”. ला मैं इसे काटू शायद यह अपनी जान बचाने के लिए ऐसा कर रही है.
    जैसे ही किसान मुर्गी को काटने चला वैसे ही मुर्गी ने फिर से कहा – अरे ओ मूर्ख किसान! मेरी बात सुन मूर्गी ने हिम्मत बटोर कर कहा – मेरी जान बक्श दें मैं तुझे मालामाल कर दूंगी. यह सुनकर किसान बोला – अच्छा भला तु मुझे मालामाल कैसे करेगी ? तू क्या मुझे मूर्ख समझती हैं ? “किसान को मुर्गी की बात सुनकर लालच आ गया था”
    तब मूर्गी बोली – मैं रोजाना तुझे एक सोने का अंडा दूंगी, सोने का अंडा मुर्गी की बात सुनकर किसान के मूंह में पानी आ गया. उसने अपनी पत्नी की तरफ देखा. क्या पता यह मूर्गी सच कह रही हो एक बार आजमाने मे हर्ज ही क्या है ? अगर बात झुठ निकली तो हलाल तो इसे हम कल भी कर सकते हैं. हिंदी कहानियों with सीख
    किसान को पत्नी की बात जंच गई. उसने मूर्गी को एक बढिया दडबे में रखा और अच्छा दाना पानी किया. दूसरे दिन पति-पत्नी ने जैसे ही मूर्गी का दडबा खोला तो यह देखकर उन्हें आश्चर्य हुआ कि दडबे में सोने का एक अंडा पडा था.
    किसान ने उसे लपक लिया, फिर तो रोज ही ऐसा होने लगा, मूर्गी रोज एक सोने का अंडा देती. कुछ ही दिनों में किसान मालामाल हो गया उसने कच्चे मकान की जगह पककी हवेली बनवा ली, खेतों की देखभाल के लिए नोकर – चाकर रख लिए, कहीं आने-जाने के लिए एक घोडा-बग्गी खरीद ली. हिंदी कहानियों with सीख
    मगर इतना सब होने पर भी किसान की तृष्णा नहीं मिटी वह चाहता था कि उसके पास और अधिक धन हो क्योंकि वह अभी गांव के जमींदार के बराबर अमीर नहीं हुआ था. जैसे-जैसे वह अमीर होता जा रहा था उसका लालच भी बडता ही जा रहा था. 
    कभी-कभी वह सोचता कि काश उसकी सुनहरी मूर्गी दो अंडे रोज दे तो वह जल्दी मालामाल हो जायेगा. एक बार उसने सोचा कि शायद मूर्गी के पेट में अंडे ही अंडे भरे पडे हैं मगर यह दुष्ट मूर्गी मुझे केवल एक ही अंडा देती हैं अगर मैं इसका पेट फाडकर सारे अंडे एक साथ निकाल लू तो क्या बुराई है.
    ऐसा सोचकर उस लालची किसान ने एक छुूरी उठाई और जाकर मुर्गी को पकड लिया मुर्गी बहुत गिडगिडाई और उसे समझाया कि किसान तुम ज्यादा लालच मत करो अगर लालच में आकर मुझे मार दोगे तो एक अंडे से भी हाथ धो बैठोगे.
    मगर किसान का तो खयाल था कि मूर्गी उसे बेवकफूफ बना रही हैं इसलिए उसने उसकी एक नहीं सुनी और उसका पेट फाड दिया. मूर्गी मर गई और एक भी अंडा नहीं निकला अब तो किसान हाथ मलता रह गया.

    कहानी से नैतिक शिक्षा- – लालच करने से इंसान की जिंदगी लूट जाती है, और बहुत से लोगों की लूटी भी है. लालच और तृष्णा दोनों ही ऐसी चीजें है जिनका कोई अंत नहीं लेकिन! इनको पूरा करते-करते इंसान का जरूर अंत हो जाता हैं. इसलिए हमेशा लालच से बचो, और अपनी बुद्धि से काम लो.

    ६.सही समझ हिंदी शिक्षाप्रद कहानी (सही समझ )

    एक समय की बात है एक गुरु जी के ३ शिस्य थे . गुरु जी ने अपने ३ शिष्यों को एक पोटली में कुछ दाल के दाने बांधकर दिए और कहा इन तीनो दानो को अपने अनुसार उपयोग करे . और मुझसे १ साल बाद आकर मिले .
    तीनो शिष्यों ने अपनी अपनी पोटली ली और चल दिए .
    पहले शिष्य ने पोटली खोली की उसने देखा इसमें तो मात्र चने के दाने है उसने वो दाने लिए और पूजा में रख लिया की ये गुरु जी हमें प्रसाद दिया है और रोज़ उसकी पूजा करता .
    दूसरे शिष्य ने देखा इसमें चने के दाने हैं तो उसने उसकी दाल बनायीं और उसने दाल खुद खायी और और उसने अपने परिवार को खिला ली.
    उधर तीसरे शिष्य ने देखा और सोचा की गुरु जी ने ये दाल के दाने दिए है तो इसमें कुछ रहस्य होगा उसने वो दाने जमीन में गाड़ दिए जिससे १ साल में बहुत खेत हो गया की और उसमे खूब दाल लगी जिससे जो भी आता तो उसे खूब दाल रोटी खिलाते .
    १ साल बाद तीनो शिष्य गुरु जी के पास आये . और तीनो ने एक एक कर गुरु जी को बताया की क्या क्या उन्होंने किया उस पोटली के साथ क्या किया .
    गुरु जी ने बताया की की मैंने एक जैसा ज्ञान दिया है सब को दिया पर सब ने अपनी श्रद्धा के अनुसार ज्ञान को उठाया . 


    कहानी से नैतिक शिक्षा-यही सब हमारे साथ भी होता है एक क्लास में टीचर सब बच्चो को एक साथ पढ़ते हैं एक जैसा पढ़ते हैं पर कोई बच्चा टॉप करता है कोई फ़ैल हो जाता है हम अपनी बुद्धि को कितना स्थिर करते हैं , कैसे अपने दिमाग को use करते हैं यही हमरे जीवन की दिशा को निश्चित करता है . इसलिए हमेशा लर्निंग ऐटिटूड रखे , सीखते चले और जीवन को अच्छा बनाये .

    ७.जीवन का आनंद लें हिंदी शिक्षाप्रद कहानी ( चिड़िया की परेशानी )

    एक चिड़िया थी वह बहुत उच उड़ती , इधर उधर चहचहाती रहती | कभी इस टहनी पर कभी उस टहनी पर फुदकती रहती |पर उस चिड़िया की एक आदत थी वह जो भी दिन में उसके साथ होता अच्छा या बुरा उतने पत्थर अपने पास पोटली में रख लेती और अकसर उन पत्थरो को पोटली से निकाल कर देखती अच्छे  पत्थरो को देखकर बीते दिनों में हुई अच्छी बातो को याद करके खुश होती | और खराब पत्थरो को देखकर दुखी होती |ऐसा रोज़ करती | रोज़ पत्थर इकठा करने से उसकी पोटली दिन प्रतिदिन भारी होती जा रही थी | थोड़े दिन बाद उसे भरी पोटली के साथ उड़ने में दिक्कत होने लगी | पर  उसे समझ नहीं आ रहा था की वह उठ क्यों नहीं पा रही |
    कुछ समय और बीता, पोटली और भारी होती जा रही थी | अब तो उसका जमीन पर चलना भी मुश्किल हो रहा था | और एक दिन ऐसा आया की वह खाने पीने का इंतज़ाम भी नहीं कर पाती अपने लिए और अपने पत्थरो के बोझ तले मर गयी .
    कहानी से नैतिक शिक्षा – दोस्तों ऐसा ही हमारे साथ होता है जब हम पुरानी बातो की पोटली अपने साथ रखते है | अपने वर्तमान का आनंद लेने की जगह भूतकाल की बातो को ही सोचने में लगे रहते हैं | इस पल का आन्नद लीजिये |

    दोस्तों उम्मीद  करता हु आपको ये कहानिया पसंद आयी होगी अपने विचार कमंट कर के हमे जरूर बताये  धन्यावाद